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ज़िन्दगी ......

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हैरान ,परेशान,बियावान ,ज़िन्दगी
देती कभी आंसू ,कभी मुस्कान ज़िन्दगी .
महलों ,मकानों ,मोटरों को देख सोचता हूँ मैं
काश होती मेरी भी आलीशान ज़िन्दगी .

शोहरत का जुनूं खींच लाया इस मोकाम पर
रास आ गयी उन्हें ,बदनाम ज़िन्दगी .
यूँ ही किसी मोड़ पर आई जो याद तेरी
लगने लगी धुप में सायबान ज़िन्दगी .

अपने कद्रदानों में खो गये हो तुम
अच्छी भली थी वही गुमनाम ज़िन्दगी
कँवल ख्वाहिशों की हद में रहो
मुश्किल बहुत ,है नहीं आसान ज़िन्दगी .

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9 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogi sarswat के द्वारा
October 29, 2013

शोहरत का जुनूं खींच लाया इस मोकाम पर रास आ गयी उन्हें ,बदनाम ज़िन्दगी . यूँ ही किसी मोड़ पर आई जो याद तेरी लगने लगी धुप में सायबान ज़िन्दगी . एकदम सटीक और सुन्दर शब्द !

    seemakanwal के द्वारा
    October 30, 2013

    hardik abhar yogiji .

    seemakanwal के द्वारा
    November 3, 2013

    hardik abhar ,

bhanuprakashsharma के द्वारा
October 25, 2013

सु्दर अभिव्यक्ति। 

    seemakanwal के द्वारा
    October 28, 2013

    हार्दिक आभार भानु जी .

Alka के द्वारा
October 23, 2013

सुन्दर रचना .. बधाई …

    seemakanwal के द्वारा
    October 28, 2013

    धन्यवाद अल्काजी .

October 22, 2013

अपने कद्रदानों में खो गये हो तुम अच्छी भली थी वही गुमनाम ज़िन्दगी दिल को छू गयी .

    seemakanwal के द्वारा
    October 23, 2013

    आभार शालिनी जी .


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