kavita

Just another weblog

72 Posts

1087 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 10099 postid : 596706

"हिंदी हमारे लिए गर्व की भाषा है"" contest "

Posted On: 9 Sep, 2013 Contest में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

कहते है हमारे देश में एक कोस पर बदले बानी ,तीन कोस पर पानी  | हमारा भारत विभिन्न राज्यों की
विभिन्न बोलियों वाला प्रदेश है ,कहीं बंगाली कहीं पंजाबी कही तमिल ,कही मलयालम ,उड़िया आदि
बोलियाँ है परन्तु हमारी राष्ट्रभाषा एक है हिंदी भाषा |
यश मालवीय जी के शब्दों में
हिंदी तो केवल हिंदी है
कावेरी है कालिंदी है
सांसों में बंगला -मलयालम
कन्नड़ ,गुजराती,सिन्धी है
हिंदी तो केवल हिंदी है |
किसी भी प्रदेश में चले जाइये वहां के लोग हिंदी बोलते अवश्य मिल जायेंगे उनका लहजा भले ही अलग और हिंदी
ठीक तरह से न बोल पाते हों|
अग्रेजों के आने से पहले मुगलों की भाषा उर्दू हिंदी मिलीजुली थी अग्रेज आये तो अपनी भाषा भी साथ लाये
जिसे बाद में हम भारतीयों ने सर -आँखों पर बैठा लिया और हिंदी भाषा से हम दूर होते चले गये |
अग्रेज़ी माध्यम के स्कूलों ने हिंदी भाषा के महत्व को और भी कम कर दिया |सभी लोग चाहे वह निम्न वर्ग
के हों या उच्च वर्ग के सब अंधाधुंध अग्रेज़ी के पीछे भाग रहें हैं उन्हें लगता है अग्रेज़ी पढ़े बिना उनकी
शिक्षा पूरी नहीं मानी जाएगी|
जबकि ऐसा नहीं है हिंदी एक सशक्त भाषा है .आज भी ये अपने आन बान के साथ हमारे ह्रदय में विराजमान
है | साहित्य फ़िल्म,टी .वी .के माध्यम से इसका प्रचार -प्रसार हो रहा है |आम जन की जुबान पर हिंदी ही है
भले ही इसमें अग्रेज़ी के कुछ शब्द आ गये हैं परन्तु मूल भाषा तो हिंदी ही है |
आज जब विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का परिणाम निकलता है तो ध्यान दीजिये हिंदी माध्यम के भी
बहुत लोग सफल होते है |मेडिकल ,इंजीनियरिंग और अन्य उच्च सस्थानों में पढ़ाई का माध्यम अग्रेज़ी
होता है इसका कारण शायद मेरे विचार से ये हो की अधिकांश लेखक विदेशी होते होंगे |
हिंदी हमारी जड़ों में है ,इसलिए हिंदी का मान ,सम्मान ,प्रयोग तो हमेशा होता रहेगा |हिंदी हिदुस्तान
की भाषा है हमारे गर्व की भाषा है |
आज बड़े हर्ष की बात है की विभिन्न विभागों में हिंदी में कार्य करने को प्रोत्साहन दिया जा रहा है
जो की हिंदी भाषा के लिए अमुल्य योगदान है |
अपने वैज्ञानिक कलेवर तथा सहज प्रक्रति के कारण हिंदी सहज सरल तथा बोधगम्य है इन्हीं
विशेषताओं के चलते यह विश्व की प्रमुख भाषाओँ में से एक है |संविधान के अनुच्छेद ३५१ में निहित
भावों को ध्यान में रखते हुए हम सभी को हिंदी विकास के प्रति जागरूक होना चाहिए |हिंदी
का प्रयोग न केवल हम सब का संवैधानिक कर्तव्य ही नहीं बल्कि नैतिक ज़िम्मेदारी भी है |
कन्हैया लाल नंदन जी के शब्दों में ……………
हिंदी स्वाभिमान की भाषा ,उगते से विहान की भाषा
इसके भीतर पैठो -देखो ,मीरा की ,रसखान की भाषा .
नहीं मिटेगी ,नहीं मिटेगी ,घर -आँगन -जहान की भाषा
इसलिए ऐसा नहीं कहा जा सकता की हिंदी बाज़ार की या अनपढ़ों की भाषा है |हिंदी हिंदुस्तान
की भाषा है जब तक हिंदुस्तान है हिंदी है |
हिंदी हैं हम वतन है ,,जब भाषा की उन्नति होगी तभी देश की उन्नति होगी |

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

16 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sinsera के द्वारा
September 16, 2013

स्वाभिमान तथा उत्साह से भरे लेख के लिए सीमा जी आपको बधाई..

    seemakanwal के द्वारा
    September 17, 2013

    हार्दिक धन्यवाद सरिता जी .

bhanuprakashsharma के द्वारा
September 15, 2013

सुंदर आलेख के लिए बधाई। 

    seemakanwal के द्वारा
    September 15, 2013

    hardik dhanywad bhanuji . saadar

yogi sarswat के द्वारा
September 14, 2013

आज बड़े हर्ष की बात है की विभिन्न विभागों में हिंदी में कार्य करने को प्रोत्साहन दिया जा रहा है जो की हिंदी भाषा के लिए अमुल्य योगदान है | अपने वैज्ञानिक कलेवर तथा सहज प्रक्रति के कारण हिंदी सहज सरल तथा बोधगम्य है इन्हीं विशेषताओं के चलते यह विश्व की प्रमुख भाषाओँ में से एक है |संविधान के अनुच्छेद ३५१ में निहित भावों को ध्यान में रखते हुए हम सभी को हिंदी विकास के प्रति जागरूक होना चाहिए |हिंदी का प्रयोग न केवल हम सब का संवैधानिक कर्तव्य ही नहीं बल्कि नैतिक ज़िम्मेदारी भी है | और ये समग्र प्रयास से ही संभव है आदरणीय सीमा जी !

    seemakanwal के द्वारा
    September 14, 2013

    हार्दिक धन्यवाद योगीजी आप ने अपनी अमुल्य रे दिया .

Bhagwan Babu के द्वारा
September 14, 2013

बहुत ही सुन्दर लेख….

    seemakanwal के द्वारा
    September 14, 2013

    हार्दिक धन्यवाद भगवन बाबु जी .

ashokkumardubey के द्वारा
September 13, 2013

सीमा जी आपने बिकुल सही लिखा है जब भाषा की उन्नति होगी तभी देश की उन्नति होगी. एक प्रेरणादायक आलेख आपको बधाई इसी तरह आप लोगों का ज्ञान वर्धन करते रहिये और हम हिन्दुस्तानियों को अपनी राष्ट्रभाषा पर गर्व करने का सन्देश देती रहिये साभार

    seemakanwal के द्वारा
    September 14, 2013

    आदरणीय अशोकजी आभार ,

ushataneja के द्वारा
September 12, 2013

सच में हिंदी गर्व की भाषा है| बढ़िया प्रस्तुति! सादर नमन!

    seemakanwal के द्वारा
    September 13, 2013

    हार्दिक आभार उषाजी .

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
September 12, 2013

हिंदी हमारी जड़ों में है ,इसलिए हिंदी का मान ,सम्मान ,प्रयोग तो हमेशा होता रहेगा |हिंदी हिदुस्तान की भाषा है हमारे गर्व की भाषा है | आदरणीया सीमा जी .,,सार्थक लेख .बहुत कुछ बदल रहा है जरुरत है अनवरत हमारी हिंदी के मान सम्मान को ताज दिलाने में लगे रहने की ..कोशिशें जारी रहें हिंदी ब्लागिंग से बहुत कुछ बदल रहा है ..काश शासन भी जाग जाए भ्रमर ५

    seemakanwal के द्वारा
    September 13, 2013

    आदरनीय भ्रमर जी आभार .

nishamittal के द्वारा
September 12, 2013

बहुत सुन्दर लेख सीमा जी दो बार आपके लेख पर कमेन्ट दे चुकी पर जा नहीं रहा ,देखिये स्पैम में तो नहीं

    seemakanwal के द्वारा
    September 12, 2013

    ati aahr nishaji aap ko preshan hona pda .abhar


topic of the week



latest from jagran